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सामाजिक विज्ञान कक्षा 10 इतिहास

अध्याय - 1 यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय महत्वपूर्ण घटनायें । तथ्य :- 1. 18वीं सदी में कई देश जैसे जर्मनी, इटली तथा स्विटजरलैंड आदि उस रूप में नहीं थे जैसा कि आज हम इन्हें देखते हैं। ये छोटे-छोटे राज्यों में विभाजित थे जिनका अपना एक स्वतंत्र शासक था। 2. 1789 की फ्रांसीसी क्रांति - 1789 की फ्रांसीसी क्रांति राष्ट्रवाद की पहली स्पष्ट अभिव्यक्ति थी। इसने फ्रांस में राजतंत्र समाप्त कर प्रभुसत्ता फ्रांसीसी नागरिकों को सौंपी। इस क्रांति से पहले फ्रांस एक ऐसा राज्य था जिसके संपूर्ण भू-भाग पर एक निरंकुश राजा का शासन था। 3. 1804 की नेपोलियन संहिता - इसे 1804 में लागू किया गया। इसने जन्म पर आधारित विशेषाधिकारों को समाप्त कर दिया। इसने न केवल न्याय के समक्ष समानता स्थापित की बल्कि सम्पत्ति के अधिकार को भी सुरक्षित किया। 4. क्रान्तिकारी फ्रांस उदारवादी प्रजातंत्र का पहला राजनैतिक प्रयोग था। वहाँ वोट देने और चुने जाने का अधिकार केवल उन्हीं पुरूषों को था जिनके पास सम्पत्ति थी। सम्पत्ति विहीन पुरूषों और सभी औरतों को राजनैतिक अधिकारों से वंचित रखा गया। केवल थोड़े ही समय के लिए जैकोबिन शासक के समय सभी व्...

समजिकविज्ञान (अर्थशास्त्र)कक्षा 10

याद रखने योग्य बातें :- 1. अर्थव्यवस्था - एक ढाँचा जिसके अन्तर्गत लोगों की आर्थिक क्रियाओं का अध्ययन किया जाता है। 2. आर्थिक विकास, एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक अर्थव्यवस्था की वास्तविक प्रति व्यक्ति आय' दीर्घ अवधि में बढ़ती है। 3. लोगों या समूहों का प्राथमिक लक्ष्य - अधिक आय पाना। इसके अतिरिक्त बराबरी, स्वतंत्रता, सुरक्षा व आदर भाव अन्य लक्ष्य हैं। 4. आर्थिक नियोजन - देश के साधनों का लाभ उठाकर देश के विकास को योजनाबद्ध रूप से बढ़ाना। 5. प्रतिव्यक्ति आय. कुल राष्ट्रीय आय या :- औसत आय कुल जनसंख्या 6. देशों के मध्य तुलना करने के लिए उनकी आय सबसे महत्त्वपूर्ण विशिष्टता समझी जाती है। 7. देशों के मध्य विकास को नापने के लिए औसत आय के साथ सार्वजनिक सुविधाओं की उपलब्धता, स्वास्थ्य सेवाएँ, जन्म व मृत्यु दर, जीवन प्रत्याशा, प्रदूषण मुक्त वातावरण आदि मानकों का भी प्रयोग किया जाता 8.प्रत्येक देश के लिए औसत आय की गणना, अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा डॉलर में की जाती है।

समाजिकविज्ञान कक्षा 9 अर्थशास्त्र अध्याय 1 पालमपुर की कहानी

याद रखने योग्य बाते 1. भारत के गांवो में कृषि - उत्पादन की प्रमुख गतिविधि है। 2. पालमपुर में कृषि ही मुख्य क्रिया है। 3. अन्य उत्पादन गतिविधियों में जिन्हें गैर कृषि क्रियाएँ कहा गया है 'लघु विनिर्माण, परिवहन, दुकानदारी आदि शामिल हैं। 4. उत्पादन का उद्देश्य या प्रयोजन ऐसी वस्तुएँ और सेवाएँ उत्पादन करना है, जिनकी हमें आवश्यकता है। 5. उत्पादन हेतु चार चीजे आवश्यक है - भूमि, श्रम, पूंजी तथा ज्ञान एवं उद्यम । 6. उपज बढ़ाने के तरीके:- क) बहुविध फसल प्रणाली :- एक वर्ष में किसी भूमि पर एक से ज्यादा फसल उत्पन्न करने को बहुविध फसल प्रणाली कहते हैं। ख) आधुनिक कृषि विधि :- खेती में आधुनिक कृषि विधियों का प्रयोग जैसे, एच. वाई.वी. (HYV) बीजों, रसायनिक उर्वरक इत्यादि का प्रयोग करना । भारत में सबसे पहले पंजाब और हरियाणा एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इनका प्रयोग किया गया था। 7. हरित क्रांति द्वारा भारतीय कृषकों ने अधिक उपज वाले बीजों (HYV) के द्वारा गेहूँ और चावल की कृषि करने के तरीके सीखे। 8. अनेक क्षेत्रों में हरित क्रान्ति के कारण उर्वरकों के अधिक प्रयोग से मिट्टी की उर्वरता कम हो गई है- इसके अत...

कक्षा 12 भूगोल पाठ 2

किसी देश की जनसंख्या ही उसका वास्तविक धन होती है यही लोग देश के संसाधनों का उपयोग करते है और उसकी नीतियाँ निर्धारित करते है। • किसी देश की जनांकीकिय विशेषताओं जैसे जनसंख्या में कुल पुरूष स्त्रियों व बच्चे की संख्या, जन्मदर, मृत्युदर, प्रवास, नगरीय ग्रामीण जनसंख्या तथा उनकी स्थिति का ज्ञान जनसंख्या के अध्ययन से होता है। • भूपृष्ठ पर लोगों के फैलाव को जनसंख्या का वितरण कहते हैं। यह विश्व में बडा। ही असमान है। • विश्व की लगभग 60 प्रतिशत जनसंख्या केवल 10 प्रतिशत देशों में निवास करती है। जिसमें 6 देश एशिया महाद्वीप में स्थित हैं। • जनसंख्य घनत्व प्रतिवर्ग कि. मी. में रहने वाले व्यक्तियों के रूप में मापा जाता . • इसकी गणना कुल जनसंख्या को कुल क्षेत्रफल से भाग देकर की जा सकता है। • संसार के कुछ भागों में जनसंख्या घनत्व 200 व्यक्ति प्रतिवर्ग कि. मी. से भी अधिक है। इन क्षेत्रों को सघन आबाद क्षेत्र कहा जाता है। • उत्तरी व दक्षिणी ध्रुवों के निकट, उष्ण एव शीत मरूस्थल, विषुवत रेखीय उच्च वर्षा का क्षेत्र व ऊंचे पर्वतीय क्षेत्र विरल आबाद है। • जल की उपलब्धता, भू-आकृति,जलवायु, मृदा, जनसंख्या वितरण को...

ज्ञान

👌इसे सेव कर सुरक्षित कर ले। ऐसी पोस्ट कम ही आती है। विश्व का सबसे बड़ा और वैज्ञानिक समय गणना तन्त्र (ऋषि मुनियों द्वारा किया गया अनुसंधान) ■ काष्ठा = सैकन्ड का  34000 वाँ भाग ■ 1 त्रुटि  = सैकन्ड का 300 वाँ भाग ■ 2 त्रुटि  = 1 लव , ■ 1 लव = 1 क्षण ■ 30 क्षण = 1 विपल , ■ 60 विपल = 1 पल ■ 60 पल = 1 घड़ी (24 मिनट ) , ■ 2.5 घड़ी = 1 होरा (घन्टा ) ■3 होरा=1प्रहर व 8 प्रहर 1 दिवस (वार) ■ 24 होरा = 1 दिवस (दिन या वार) , ■ 7 दिवस = 1 सप्ताह ■ 4 सप्ताह = 1 माह , ■ 2 माह = 1 ऋतू ■ 6 ऋतू = 1 वर्ष , ■ 100 वर्ष = 1 शताब्दी ■ 10 शताब्दी = 1 सहस्राब्दी , ■ 432 सहस्राब्दी = 1 युग ■ 2 युग = 1 द्वापर युग , ■ 3 युग = 1 त्रैता युग , ■ 4 युग = सतयुग ■ सतयुग + त्रेतायुग + द्वापरयुग + कलियुग = 1 महायुग ■ 72 महायुग = मनवन्तर , ■ 1000 महायुग = 1 कल्प ■ 1 नित्य प्रलय = 1 महायुग (धरती पर जीवन अन्त और फिर आरम्भ ) ■ 1 नैमितिका प्रलय = 1 कल्प ।(देवों का अन्त और जन्म ) ■ महालय  = 730 कल्प ।(ब्राह्मा का अन्त और जन्म ) सम्पूर्ण विश्व का सबसे बड़ा और वैज्ञानिक समय गणना तन्त्र यहीं है जो हमारे देश भा...

गर्व से कहो हमसब अंधभक्त है

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बेरोजगारी युवाओ के लिए अभिशाप

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