भुवनेश्वर

राष्ट्र की दशा पर थोड़ा बिचार लो
अर्थतंत्र देश का जा रहा गड्ढे में
तेरा ही सहारा प्रभु अब तो संभार लो
युग युग अवतार लिए लोक कल्याण को
जल्दी कुछ करो प्रभु कलयुग के प्लान को
घूसखोर हाकिम है , चोर व्यापारी है
ब्लैकमनी   मंहगाई  कालाबाजारी  है
त्राहिमाम त्रहिमाम मची है चारो ओर
अब तो एक एक दिन काटना भी भारी है
घर में  लगी है आग घर के चिराग से
जल्दी कुछ करो प्रभु अब तो उबार लो
देर बहुत कर दी प्रभु अब तो अवतार लो 

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